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शंकराची आरती - शंभो शिवहर गौरी स्मरहर जय...


देवीदेवतांची काव्यबद्ध स्तुती म्हणजेच आरती.
The poem composed in praise of God is Aarti.


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शंकराची आरती १२
शंभो शिवहर गौरी स्मरहर जय शंभो ॥ धृ. ॥
शंभो सांबसदाशिव शशिशेखर शंभो-हरहर शिवशंभो ॥
शंभो ओंकाराव्यय सिद्धेश्वर शंभो ॥
शंभो त्रिशूल डमरू पन्नगधर शंभो ॥
शंभो भस्मोद्‌धूलन गिरजाप्रिय शंभो ।
शंभो हिमनग गंगा गौरीपति - शंभो ॥ १ ॥
Translation - भाषांतर

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